“हेट-स्पीच” पर सुप्रीम कोर्ट ने TV चैनलों को लगाई कड़ी फटकार

"हेट-स्पीच" पर सुप्रीम कोर्ट ने TV चैनलों को लगाई कड़ी फटकार

"हेट-स्पीच" पर सुप्रीम कोर्ट ने TV चैनलों को लगाई कड़ी फटकार

TV एंकरों को संवेदनशील होने की दी चेतावनी

नई दिल्ली, सितम्बर 21 (दिल्ली क्राउन): सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को TV चैनलों को फटकार लगाते हुए कहा कि “हेट-स्पीच” के मामलों में TV एंकरों को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए और ऐसे मामलों को कतई बढ़ावा नहीं देना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि हेट-स्पीच के मामले देश को बांटने और समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।

कोर्ट के अनुसार, TV डिबेट के दौरान TV एंकरों द्वारा ऐसे मामलों पर तुरंत रोक लगाना अति-आवश्यक है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की इस गंभीर टिपण्णी का TV मीडिया ने एक दम बायकाट सा किया। सिर्फ एक चैनल NDTV की वेबसाइट पर ही यह खबर पढ़ने को मिली, जबकि प्रिंट-मीडिया और सोशल-मीडिया पर ये खबर दिन भर छाई रही।

देश के उच्चत्तम न्यायलय की दो जजों की पीठ ने करीब ११ रिट-पेटीशनों की सुनवाई के दौरान कहा – “हमारा देश किस ओर बढ़ रहा है”। जस्टिस के ऍम जोसफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय ने देश में बढ़ती हेट-स्पीच की घटनाओं का कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा की मेनस्ट्रीम मीडिया में ऐसे मामलों को रोकने के बजाये उन पर डिबेट कराई जाती हैं, और ऐसी स्पीच को बार-बार दिखाया जाता है जो कि देश के लिए हानिकारक है।

कोर्ट ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि TV डिबेट के दौरान जब कोई वक्ता हेट-स्पीच के विरोध में कुछ बोलना चाहता है तो उसका माइक बन्द करा दिया जाता है।

TV एंकरों को संवेदनशील होने का निर्देश देते हुए कोर्ट ने कहा कि TV मीडिया का देश के नागरिकों पर ज्यादा “असर” होता है, इसलिए TV एंकरों को हेट-स्पीच के मामलों में लक्ष्मण-रेखा निर्धारित करनी चाहिए, और ऐसे मामलों को तूल देने के बजाये उनको तुरंत रोकना चाहिए।

TV डिबेट के दौरान शोर-शराबे का भी संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कहा कि TV का दर्शक या श्रोता ऐसी डिबेट में कुछ समझ ही नहीं पाता कि क्या चल रहा है। जस्टिस जोसफ ने कहा कि देश में TV मीडिया पर रेगुलेशन के अभाव में देश में ये सब धड़ल्ले से चल रहा है।

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