दिल्ली पुलिस ने सीएम योगी के नाम पर फर्जी ईमेल बनाने वाले पत्रकार को किया गिरफतार

आरोपी फर्जी ईमेल बनाकर बड़े बड़े कंपनियों से अखबार के लिए विज्ञापन मांगता था

नई दिल्ली, 30 जनवरी (दिल्ली क्राउन): दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रूप में फर्जी ईमेल आईडी बनाने और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को फेक ईमेल भेजने के आरोप में एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है।

आरोपी की प्रहचान मनोज कुमार सेठ (41) के रूप में हुई है, जो की ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया है।पुलिस के अनुसार, उन्हें 2016 में मुख्यमंत्री कार्यालय से अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत मिली जिन्होंने योगी आदित्यनाथ के नाम से एक नकली ईमेल आईडी बनाई और तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी), गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल), पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को ईमेल भेजे और बताया कि स्थानीय समाचार पत्र विज्ञापन मांग रहे हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने मामला दर्ज किया था और मकसद को समझने के लिए उक्त ईमेल का विश्लेषण किया था। भेजे गए सभी पत्रों में सीएम योगी के जाली हस्ताक्षर थे। ब्रेकिंग न्यूज जैसे स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन मांगने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसियों को ईमेल भेजे गए थे।

जांच दल ने ईमेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए आईपी पते को ट्रैक करके आरोपी की पहचान की। पुलिस ने कहा कि मनोज जानता था कि उसकी योजना काम नहीं कर रही है और गिरफ्तारी से बचने के लिए अक्सर अपने ठिकाने बदल लेता है। दिल्ली, ओडिशा और अन्य राज्यों में कई छापे मारे गए, लेकिन वह भागने में सफल रहा।

हाल ही में डीसीपी साइबर सेल केपीएस मल्होत्रा ​​के तहत एसीपी रमन लांबा के नेतृत्व में एक टीम ने पाया कि मनोज भुवनेश्वर में छिपा हुआ है। पुलिस ने बताया कि “हमने एक टीम भेजी और शुक्रवार को उसे पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया।”पूछताछ के दौरान मनोज ने कहा कि वह एक स्वतंत्र पत्रकार है और ‘समाज आइना’ नाम का एक अखबार का मालिक है। उसने अपराध कबूल कर बताया कि उसने नकली ईमेल बनाया और अपने स्थानीय समाचार पत्र में विज्ञापन लेने के लिए फेक आईडी तैयार किए। उसने कथित तौर पर एजेंसियों को उसे विज्ञापन देने के लिए मजबूर किया।

पुलिस ने आगे यह भी पुष्टि कर बताया कि वह कटक के चालिया गंज में जबरन वसूली के एक मामले में शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.