दिल्ली भाजपा की मांग 40 गावों के नाम बदले जाएँ

दिल्ली भाजपा की मांग 40 गावों के नाम बदले जाएँ

दिल्ली भाजपा की मांग 40 गावों के नाम बदले जाएँ

नजफगढ़, जाफरपुर, काजीपुर, नसीरपुर, मिर्जापुर, हसनपुर, ग़ालिबपुर, ताजपुर भी सूची में शामिल

नई दिल्ली, अप्रैल 24 (दिल्ली क्राउन): “राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस” से ठीक एक दिन पहले दिल्ली की भाजपा इकाई ने मांग रखी कि दिल्ली में 40 गावों के बदल दिए जाएँ।

इन 40 गावों में शामिल हैं – नजफगढ, जाफरपुर कला, काजीपुर, नसीरपुर, मिर्जापुर, हसनपुर, ग़ालिबपुर, & ताजपुर-खुर्द।

एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि यह दिल्ली की “जनता की मांग” है।

“दिल्ली के ऐसे 40 गांव हैं जिनका नाम बदलने के लिए ग्रामवासियों ने मुझसे मिलकर सहमति जताई है जिसमें हुमायूंपुर, युसूफ सराय, मस्जिद मोठ, बेर सराय, मसूदपुर, जमरूदपुर, बेगमपुर, सदैला जॉब, फतेहपुर बेरी, हौज खास, शेख सराय इत्यादि सहित अन्य गाँवों के नाम भी शामिल हैं,” गुप्ता ने पत्रकारों को बताया।

इनके अलावा अन्य गावों के नाम हैं – जिया-सराय, नेब-सराय, अदह-चिनी, सुल्तानपुर (नजदीक छतरपुर), अलीपुर, मुखमेलपुर, रमजानपुर, निजामपुर, मोहम्मदपुर, हमीदपुर, खानपुर, सुलतानपुर डबास, इब्राहिमपुर, रसूलपुर, साहिबाबाद दौलतपुर, बेगमपुर कुतुबगढ़, मोहम्मदपुर मंजरी, लाडो सराय, कटवारिया सराय, और मुबारकपुर।

गुप्ता ने कहा कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के एक भाजपा के निगम पार्षद भगत सिंह टोकस ने निगम के सदन से प्रस्ताव पास करवाया था कि दिल्ली एयरपोर्ट से सटे “मोहम्मदपुर गांव” का नाम बदलकर “माधव-पुरम” रखा जाए।

गुप्ता ने आगे बताया कि – “सभी ग्रामवासियों के हस्ताक्षर-युक्त एक पत्र दिया था, जिसे निगम के टाउन प्लांनिंग विभाग ने दिल्ली सरकार के यूडी विभाग को 9 दिसंबर 2021 को दिया था जिसमें मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर माधव पुरम रखने का अनुरोध किया गया था, लेकिन लगभग पांच महीने बीतने के बाद भी केजरीवाल सरकार गुलामी के प्रतीक इस गांव के नाम को बदलने की जहमत नहीं उठाई और ना ही इसका कोई जवाब दिया। जिससे ग्रामीणों के अंदर रोष है।”

उन्होंने केजरीवाल सरकार और आम आदमी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। दिल्ली भाजपा प्रमुख ने कहा – “केजरीवाल एण्ड कम्पनी की तुष्टिकरण की राजनीति बेनकाब हुई है। ऐसी कई घटनाएं हैं जब केजरीवाल सरकार ने एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए कई फैसले लिए हैं।”

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