कितनी झूठी व फरेबी है गुरुग्राम पुलिस, जानिये एक दास्तान

कितनी झूठी व फरेबी है गुरुग्राम पुलिस, जानिये एक दास्तान

कितनी झूठी व फरेबी है गुरुग्राम पुलिस, जानिये एक दास्तान

असली केस को तोड़-मरोड़ कर किया पेश; RTI से मिली जानकारी

दिल्ली क्राउन ब्यूरो

गुरुग्राम: पुलिस वालों के बारे में कई कहावतें सुनी होंगी। जैसे कि “खाखी वर्दी वाले गुंडे”, “जेवड़ी का सांप बनाने वाले” इत्यादि। इन सभी कहावतों पर खरे उतरते हुए, गुरुग्राम पुलिस के न्यू-कॉलोनी थाने में तैनात SHO तेजपाल, ASI लक्ष्मी, HC संजय कायत व सिपाही सुधीर ने एक केस को इतना तोड़-मरोड़ दिया कि उसकी असलियत ही ख़तम कर दी, और कुछ का कुछ बना दिया।

एक RTI से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त पुलिस कर्मियों ने सेक्टर-7 के एक पति-पत्नी के बीच लड़ाई को “रिश्वत” के चक्कर में इतना घुमा-फिरा दिया कि बेचारे पति को एक रात हवालात में काटनी पड़ी। पीड़ित पति गुरुग्राम निवासी है, और एक वरिष्ठ वकील है, जबकि उनकी पत्नी दिल्ली में सरकारी टीचर है।

न्यू-कॉलोनी में लगे हुए CCTVs को धत्ता बताते हुए, इन पुलिस-कर्मियों ने एक झूठी कहानी घड दी और RTI जानकारी में बताया कि उक्त केस में पति (वकील) ने थाने के अंदर हंगामा किया, इसलिए उस पर “भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एक्ट” की दफा 126 और 170 लगानी पड़ी और हवालात में बन्द करना पड़ा। जबकि असलियत थाने में लगे CCTVs में कैद है, और पीड़ित पति (वकील) ने सम्बंधित CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की गुहार गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर से लेकर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) तक को की हुई है। शायद न्यू-कॉलोनी के उक्त कर्मी इस बात से बेखबर थे !

मामला अगस्त 28 का है जब पति-पत्नी के बीच लड़ाई हुई। पति के अनुसार, उसकी पत्नी अपने दिल्ली-स्थित कार्य-स्थल (सरकारी स्कूल) से करीब 3.30 बजे दारु के नशे में घर लौटी, और आते ही पति पर मार-पिटाई की नीयत से टूट पड़ी। घटना के समय दंपत्ति की 18 साल की बेटी भी मौजूद थी।

पत्नी ने पति पर मार-पिटाई के इरादे से कई बार हमला किया, जबकि पति अपना बचाव करता रहा। इसी दौरान पत्नी ने पति के चश्मे और लैपटॉप को तोड़ने के इरादे से हमला किया, जिसका नतीजा हुआ कि लैपटॉप की स्क्रीन टूट गई। अपने महंगे लैपटॉप का बचाव करते हुए पति का हाथ गैर-इरादतन पत्नी के नाक-मुहं पर जा लग गया जिसकी वजह से खून बहने लगा।

मार-पीट के तुरंत बाद पति ने खुद 112 नंबर पर फ़ोन कर मामले की इत्तला पुलिस को दी। फ़ोन पर शिकायत दर्ज करवाते हुए पति ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि उसकी पत्नी शाराब के नशे में है, और उसकी चिकित्सा जांच (Medical) करवाई जाए। कुछ देर बाद दोनों पक्ष गुरुग्राम के न्यू-कॉलोनी थाने पहुंचे, जहाँ से “पुलिस-वाले गुंडों” ने अपना खेल दिखाना शुरू किया।

जबकि पति प्रथम शिकायत-कर्त्ता था, लेकिन उसको मुजरिम बना कर उसी पर झुठ और फरेब से भरी कार्यवाही की गई।

पुलिस द्वारा पत्नी को यह कह कर डराया गया कि अगर उसके द्वारा शराब के सेवन की बात सामने आ गई तो उसकी सरकारी नौकरी पर बात आ जायेगी, “इसलिए जैसा बताया जाए वैसा करो”। पत्नी से एक मोटी रकम झटकी गई, और सारा मामला ही पलट दिया गया।

RTI से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने झूठी कहानी बनाई जिसके तहत “पति थाने के अंदर तैस में आ गया, अपनी पत्नी की तरफ झपटा और मरने मारने पर उतारू हो गया”।

RTI जानकारी में पुलिस द्वारा आगे झूठ बताया गया कि, “पति को पुलिस वालों ने काबू किया, वार्ना वो किसी संगीन अपराध को अंजाम दे सकता था।”

जबकि,पति के अनुसार, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। “अगर ऐसा हुआ होता तो उस दिन की CCTV फुटेज देखी जाए, जिस से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा,” पति ने www.thedelhicrown.com को फ़ोन पर बताया।

जब पति द्वारा न्यू-कॉलोनी थाने में तैनात पुलिस-कर्मियों की झूठी कार्यवाही की शिकायत DCP (पश्चिम) करण गोयल को की गई तो जांच का जिम्मा ACP (न्यू कॉलोनी) कुलदीप कुमार को सौंपी गई, जिसने CCTV फुटेज को बिना देखे उक्त पुलिस-कर्मियों को क्लीन-चिट दे दी। पीड़ित पति ने दुबारा शिकायत की तो फिलहाल ACP (ओल्ड गुरुग्राम) मंजीत सिंह जांच कर रहे हैं।

पति ने बताया, “जांच की रिपोर्ट का इंतज़ार है। अगर इस बार भी कुछ घालमेल किया गया तो मामला “भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एक्ट” की दफा 175(3) के तहत कोर्ट का दरवाजा खट-खटाऊँगा, और गुरुग्राम पुलिस को नंगा करूंगा।”

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