दिल्ली के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा ड्रोन

कोरोना के दूसरे लहर में द्वारका के निजी अस्पतालों में हो चुका ट्रायल 

नई दिल्ली, 11 दिसंबर (दिल्ली क्राउन): दिल्ली के अस्पतालों में उपचार अधीन मरीजों को अब इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों को दवाइयों अथवा खून के लिए सड़कों पर जाम में घंटो खड़े रहने की अब जरूरत नहीं पड़ेगी। ड्रोन से अस्पताल में भर्ती मरीजों को खाना, दवाई और जरूरतमंदों को खून भी मुहैया कराया जाएगा। इससे कई गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ट्रायल के तौर पर द्वारका के अस्पतालों के साथ साथ जरूरतमंदों को खाना और दवाई मुहैया की गईं। दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत बेहद खराब हो चुकी है, आए दिन दिल्ली में डॉक्टरों और नर्सों के स्ट्राइक चलते रहते हैं जिसके कारण दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ जाती हैं और मरीज त्रस्त रहते हैं। कोरोना का नया वेरिएंट भी मिल चुका है यदि यही स्थिति आगे भी बनी रही तो मौके पर हम सक्षम साबित नही होंगे। इसलिए दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है। ऐसे में ड्रोन मरीजों को सेवाएं देने में कारगर साबित होने वाला है। हालांकि कोविड-19 संक्रमण काल मे ट्रायल के तौर पर द्वारका के निजी अस्पतालों में जरूरतमंदों को खाना और दवाइयां ड्रोन की मदद से पहुंचाई गई थीं।

प्रगति मैदान में चल रहे नागरिक सुरक्षा उपकरणों के तीन दिवसीय एक्सपो में ड्रोन की कंपनी टर्बो के गगनदीप ने बताया कि ड्रोन को कार्य में लाने के लिए सारी तैयारियां हो चुकी हैं। वहीं वर्ल्ड यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल) फेडरेशन के अध्यक्ष इकबाल सिंह जगदेवा ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा के साथ साथ नागरिक सुविधाओं के लिए भी किया जाएगा।

कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक और पवन दूबे ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है जिसके जरिए कीटनाशक का छिड़काव भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इसका इस्तेमाल पहले ही खेतों में कीटनाशक के छिड़काव के लिए किया जा चुका है। एक्सपो में बताया गया की ड्रोन 4 कि.मी के दायरे में काम करेगा, साथ ही साथ रोबोट का भी इस्तेमाल करने पर और लोगों को और भी ज्यादा सहूलियत मिलेगी। आने वाले समय में देश की रक्षा सेवाओं में भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.